
लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने अचानक अफरा-तफरी मच गई। हरदोई से आई एक महिला रोली देवी ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को आग लगाने से पहले ही रोक लिया और उसकी जान बचा ली।
क्यों उठाया महिला ने यह खौफनाक कदम?
महिला का आरोप है कि विक्की मिश्रा नामक व्यक्ति ने उसे मकान दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये ले लिए। लेकिन ना मकान दिया गया, और ना ही पैसे लौटाए गए। महिला के मुताबिक, उसने हरदोई पुलिस से कई बार शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
“मैंने हर थाने के चक्कर काटे, कोई सुनने वाला नहीं था। अब क्या करूं?” – रोली देवी
CM आवास की सुरक्षा पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब सीएम आवास के बाहर कोई आत्मदाह की कोशिश हुई हो। लगातार ऐसी घटनाओं के सामने आने से मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आखिर इतने हाई-सिक्योरिटी जोन में एक महिला ज्वलनशील पदार्थ लेकर कैसे पहुंच जाती है?
पुलिस ने शुरू की जांच, थाने पहुंची महिला
मौके से रोली देवी को गौतमपल्ली थाने ले जाया गया, जहां पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। महिला के आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और विक्की मिश्रा के खिलाफ ठगी व धोखाधड़ी के तहत जांच की जा रही है। पुलिस सबूत इकट्ठा करने में जुटी है।

क्या सिस्टम पर से उठता जा रहा भरोसा?
इस मामले ने फिर से ये सवाल खड़ा कर दिया है कि जब आम जनता को न्याय के लिए आत्मदाह जैसे कदम उठाने पड़ते हैं, तो क्या ये सिस्टम की नाकामी नहीं? क्या थानों में आम आदमी की बात नहीं सुनी जाती जब तक वह खुद को आग के हवाले करने की धमकी न दे?
आत्मदाह नहीं, इंसाफ चाहिए!
ऐसे मामलों से साफ है कि जनता सिस्टम से थकी हुई है। आत्मदाह समाधान नहीं, बल्कि सिस्टम पर करारा तमाचा है। ज़रूरत है कि महिला के आरोपों की निष्पक्ष और तेज़ जांच हो, ताकि समाज में एक संदेश जाए कि कानून सबके लिए बराबर है।
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